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July 18, 2026
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PM कुसुम योजना: सोलर पंप से खेती, जानिए फायदे

खेती में सोलर पंप का इस्तेमाल? PM कुसुम योजना आपको दे रही है सुनहरा मौका। जानिए कैसे आप भी जुड़ सकते हैं इस योजना से और उठा सकते हैं इसके फायदे।

PM कुसुम योजना: सोलर पंप से खेती, जानिए फायदे और पूरी जानकारी

नमस्ते दोस्तों! आजकल बिजली की समस्या हर जगह है, खासकर गाँव में। खेती-बाड़ी करने वालों के लिए तो ये एक बड़ी सिरदर्दी है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि आप अपनी खेती के लिए सोलर पंप का इस्तेमाल कर सकते हैं? जी हाँ, ये बिल्कुल मुमकिन है और इसके लिए सरकार की एक बहुत अच्छी स्कीम है - PM कुसुम योजना

आज हम इसी PM कुसुम योजना के बारे में डिटेल में बात करेंगे। हम जानेंगे कि ये क्या है, इसके फायदे क्या हैं, कौन इसके लिए अप्लाई कर सकता है, और अप्लाई करने का तरीका क्या है। तो चलिए, शुरू करते हैं!

PM कुसुम योजना क्या है? (What is PM-KUSUM Yojana?)

PM कुसुम का पूरा नाम है 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान'। ये केंद्र सरकार की एक स्कीम है जिसका मेन मकसद है भारत में खेती को सोलर एनर्जी से जोड़ना।

इस स्कीम के तीन मेन कंपोनेंट हैं:

  1. Component A: डिसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी पावर प्रोजेक्ट्स। मतलब, छोटे-छोटे सोलर पावर प्लांट लगाना।
  2. Component B: 17.5 लाख सोलर एग्रीकल्चर पम्प सेट्स की फ्री स्टैंडिंग इंस्टॉलेशन। यानी, किसानों को सोलर से चलने वाले पानी के पंप लगाना।
  3. Component C: 10 लाख एग्रीकल्चर पम्प सेट्स को ग्रिड से जोड़ना। यानी, मौजूदा एग्रीकल्चर पम्प सेट्स को सोलर एनर्जी से जोड़ना।

वैसे, आप अपनी EMI की प्लानिंग के लिए AutoEMI (https://autoemi.in/) और Uttarottar (https://www.uttarottar.com) जैसे उपयोगी डिजिटल टूल्स और कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

PM कुसुम योजना के फायदे (Benefits of PM-KUSUM Yojana)

इस योजना के किसानों और देश दोनों के लिए बहुत सारे फायदे हैं:

किसानों के लिए फायदे:

  • बिजली बिल से छुटकारा: सबसे बड़ा फायदा तो ये है कि आपका बिजली का बिल एकदम जीरो हो जाएगा। आपको महंगे डीजल पंप पर भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।
  • पानी की समस्या खत्म: जहां बिजली नहीं है या वोल्टेज कम आता है, वहां भी आप आराम से अपने खेतों की सिंचाई कर पाएंगे।
  • अतिरिक्त कमाई का मौका: अगर आप अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाते हैं और उससे जितनी बिजली बनती है, वो आपकी जरूरत से ज्यादा है, तो आप उस एक्स्ट्रा बिजली को डिस्कॉम (बिजली कंपनी) को बेचकर पैसे कमा सकते हैं।
  • सब्सिडी का लाभ: सरकार सोलर पंप लगाने पर अच्छी खासी सब्सिडी देती है, जिससे आपका खर्च काफी कम हो जाता है।
  • पर्यावरण के लिए अच्छा: सोलर एनर्जी क्लीन एनर्जी है, जिससे प्रदूषण नहीं फैलता।

देश के लिए फायदे:

  • डीजल की बचत: एग्रीकल्चर पंप पर बहुत सारा डीजल इस्तेमाल होता है। इस स्कीम से डीजल की खपत कम होगी।
  • रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा: देश में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ेगा, जो कि भविष्य के लिए बहुत जरूरी है।
  • बिजली ग्रिड पर लोड कम: खेतों के लिए अलग से सोलर पावर मिलने से नेशनल ग्रिड पर लोड कम होगा।

कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility Criteria)

PM कुसुम योजना का लाभ ज्यादातर किसान उठा सकते हैं। इसके लिए कुछ मुख्य योग्यताएं इस प्रकार हैं:

  • किसान: वो सभी किसान जिनके पास जमीन है और वो खेती करते हैं, वे अप्लाई कर सकते हैं।
  • समूह/कॉर्पोरेट/पंचायत: किसानों के समूह, कोऑपरेटिव सोसायटी, किसान उत्पादक संगठन (FPO), और यहाँ तक कि पंचायतें भी इस योजना के तहत सोलर प्लांट लगा सकती हैं।
  • रेंट पर जमीन: अगर आपके पास खुद की जमीन नहीं है, तो आप किसी से जमीन लीज पर लेकर भी अप्लाई कर सकते हैं (इसके नियम थोड़े अलग हो सकते हैं)।

स्पेशल कैटेगरी के किसानों, जैसे कि नॉर्थ-ईस्ट राज्यों के किसान, स्पेशल कैटेगरी जिलों के किसान, और डिस्टर्ब्ड एरिया के किसानों के लिए कुछ विशेष नियम हो सकते हैं।

सोलर पंप के प्रकार (Types of Solar Pumps)

PM कुसुम योजना के तहत दो तरह के सोलर पंप सिस्टम आते हैं:

  1. ऑफ-ग्रिड सोलर पंप (Off-Grid Solar Pump): ये पंप सिर्फ सोलर एनर्जी से चलते हैं और इन्हें बिजली ग्रिड से कनेक्ट नहीं किया जाता। ये तब फायदेमंद हैं जब आपके एरिया में बिजली की सप्लाई बिल्कुल नहीं है या बहुत अनियमित है।
  2. ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पंप (Grid-Connected Solar Pump): इन पंपों को सोलर एनर्जी के साथ-साथ बिजली ग्रिड से भी जोड़ा जाता है। जब सोलर एनर्जी उपलब्ध होती है, तो पंप उससे चलता है। अगर सोलर एनर्जी कम पड़ती है, तो वो ग्रिड की बिजली इस्तेमाल कर लेता है। इस सिस्टम में आप एक्स्ट्रा बिजली ग्रिड को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।

सोलर पंप लगाने पर सब्सिडी कितनी मिलती है? (Subsidy on Solar Pumps)

सरकार सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को अच्छी सब्सिडी देती है। ये सब्सिडी आमतौर पर पंप की टोटल कॉस्ट का 30% से 50% तक हो सकती है।

सब्सिडी का अमाउंट इस बात पर डिपेंड करता है कि आप कौन सा पंप लगा रहे हैं (AC या DC), उसकी कैपेसिटी कितनी है, और आप किस कैटेगरी में आते हैं।

  • सेंट्रल गवर्नमेंट सब्सिडी: ये आमतौर पर 30% होती है।
  • स्टेट गवर्नमेंट सब्सिडी: राज्य सरकारें भी अपनी तरफ से सब्सिडी देती हैं, जो 10% से 30% तक हो सकती है।
  • किसान का हिस्सा: बाकी का अमाउंट किसान को खुद लगाना होता है।

कई बार बैंक भी सोलर पंप खरीदने के लिए लोन की सुविधा देते हैं, जिससे किसान आसानी से अपना हिस्सा दे पाते हैं।

PM कुसुम योजना के लिए अप्लाई कैसे करें? (How to Apply for PM-KUSUM Yojana?)

PM कुसुम योजना के लिए अप्लाई करने का तरीका थोड़ा स्टेट-लेवल पर डिपेंड करता है, क्योंकि ये स्कीम केंद्र सरकार की है लेकिन लागू राज्यों की सरकारें और उनके ऊर्जा विभाग करते हैं।

आम तौर पर, अप्लाई करने के ये स्टेप्स होते हैं:

  1. ऑनलाइन पोर्टल: आपको अपने राज्य के ऊर्जा विभाग या PM कुसुम योजना के लिए बनाए गए स्पेशल पोर्टल पर जाना होगा। इसका ऑफिशियल लिंक आपको https://www.pmkusum.mnre.gov.in/ पर मिल जाएगा, या आप अपने राज्य के ऊर्जा विभाग की वेबसाइट चेक कर सकते हैं।
  2. रजिस्ट्रेशन: पोर्टल पर जाकर आपको अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसमें आपको अपनी जमीन की डिटेल, बैंक अकाउंट की जानकारी, आधार कार्ड, और खेती से जुड़ी जानकारी देनी होगी।
  3. फॉर्म भरना: रजिस्ट्रेशन के बाद, आपको एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा।
  4. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड: पहचान पत्र, जमीन के कागजात, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज़ फोटो आदि डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे।
  5. चयन प्रक्रिया: विभाग आपके एप्लीकेशन को वेरिफाई करेगा। उसके बाद, अगर आप सेलेक्ट हो जाते हैं, तो आपको सूचित किया जाएगा।
  6. इंस्टॉलेशन: सिलेक्शन होने के बाद, आप अपनी पसंद की किसी ऑथराइज्ड कंपनी से सोलर पंप लगवा सकते हैं। सब्सिडी का अमाउंट सीधे कंपनी को या आपको मिल सकता है, जो स्कीम के नियमों पर डिपेंड करता है।

टिप: अप्लाई करने से पहले अपने स्टेट नोडल एजेंसी या डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर ऑफिसर से कांटेक्ट करके लेटेस्ट जानकारी जरूर ले लें।

PM कुसुम योजना के कंपोनेंट-B के लिए एप्लीकेशन (Component-B Application)

अगर आप सिर्फ सोलर पंप लगवाना चाहते हैं (मतलब, Component B), तो आप सीधे अपने राज्य की बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) या संबंधित विभाग की वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।

Android App: आप MRS emi Calculator (https://play.google.com/store/apps/details?id=appinventor.ai_munshiram90.MRS_Finance_Cal_copy&hl=en_IN) जैसे मोबाइल ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं जो EMI गणना में मदद कर सकते हैं।

कुछ जरूरी बातें (Important Points)

  • कैपेसिटी: सोलर पंप की कैपेसिटी (HP में) आपकी जमीन की सिंचाई की जरूरत और पानी के सोर्स (ट्यूबवेल, बोरवेल) पर डिपेंड करती है।
  • AC/DC पंप: DC सोलर पंप सीधे सूरज की रोशनी से चलते हैं और आमतौर पर सस्ते होते हैं। AC सोलर पंप में इन्वर्टर लगता है और वो ग्रिड से भी कनेक्ट हो सकते हैं।
  • मेंटेनेंस: सोलर पंप का मेंटेनेंस काफी कम होता है, लेकिन पैनल को समय-समय पर साफ करना जरूरी होता है।
  • लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट: सोलर पंप एक बार का इन्वेस्टमेंट है, लेकिन इसके फायदे आपको सालों तक मिलते हैं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या PM कुसुम योजना सिर्फ किसानों के लिए है?

A1: नहीं, यह योजना मुख्य रूप से किसानों के लिए है, लेकिन किसानों के समूह, कोऑपरेटिव सोसायटी, FPO और पंचायतें भी इसके लिए अप्लाई कर सकती हैं।

Q2: सोलर पंप लगाने में कितना खर्च आता है?

A2: खर्च पंप की कैपेसिटी, टाइप (AC/DC) और ब्रांड पर डिपेंड करता है। 3 HP के सोलर पंप के लिए यह लगभग 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये तक हो सकता है। लेकिन, सब्सिडी मिलने के बाद किसान का हिस्सा काफी कम हो जाता है।

Q3: क्या मैं अपनी पुरानी डीजल पंप को सोलर पंप से बदल सकता हूँ?

A3: हाँ, PM कुसुम योजना के तहत पुराने डीजल पंप को सोलर पंप से बदलने का भी प्रावधान है, खासकर Component B और C के तहत।

Q4: सब्सिडी के लिए कैसे अप्लाई करें?

A4: आपको PM कुसुम योजना के ऑफिशियल पोर्टल या अपने राज्य के ऊर्जा विभाग के माध्यम से अप्लाई करना होगा। सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी एप्लीकेशन प्रक्रिया का हिस्सा है।

Q5: क्या सोलर पंप बारिश के मौसम में भी काम करता है?

A5: सोलर पंप सूरज की रोशनी पर निर्भर करते हैं। बारिश या बादल वाले दिनों में उनकी एफिशिएंसी कम हो जाती है। ग्रिड-कनेक्टेड पंप इस स्थिति में ग्रिड की बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑफ-ग्रिड सिस्टम के लिए बैटरी बैकअप का ऑप्शन भी होता है, पर वो काफी महंगा होता है।

Q6: क्या सोलर पंप से जमीन की सिंचाई के अलावा कोई और काम किया जा सकता है?

A6: सोलर पंप का मुख्य उद्देश्य सिंचाई है। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में इसे अन्य कामों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सिस्टम को मॉडिफाई करवाना पड़ सकता है और यह मुख्य स्कीम का हिस्सा नहीं है।

तो दोस्तों, PM कुसुम योजना खेती को बेहतर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने का एक शानदार तरीका है। अगर आप भी किसान हैं और सोलर पंप लगवाने में इंटरेस्टेड हैं, तो इस स्कीम के बारे में जरूर पता करें और इसका फायदा उठाएं!

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AutoEMI Team is an experienced writer specializing in vehicle finance, EMI calculations, and auto loan strategies. With years of experience in the banking and finance sector, they provide practical insights to help readers make informed auto financing decisions.
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